Blog

जीवन सजाए – रत्नों से सजा जैम-ट्री

खूबसूरत दिखने वाले रत्‍नों से भला किसे प्‍यार नहीं होता। रत्‍नों का प्रयोग न सिर्फ ज्‍वैलरी में बल्कि परिधानों के साथ-साथ घर व दफ्तर की साज-सजावट में भी होने लगा है। लेकिन फेंग्‍शुई कहता है कि रत्‍नों का प्रयोग सुख-समृद्धि, स्‍वास्‍थ्‍य और दीर्घायु के लिए भी किया जा सकता है। आज हम फेंग्‍शुई के ऐसे ही चमत्‍कारी गैजेट का ‘ जैम ट्री’ के बारे में जानेंगे।

प्राचीनकाल से ही हर सभ्यता में रत्नों व पत्थरों के प्रति आकर्षण रहा है।इनका इस्तेमाल गले व हाथ में पहनने से लेकर साज-सज्जा के उपकरणों में भी होता है।ज्योतिष व फेंग्शुर्इ में भी इनका इस्तेमाल होता है।दुनिया के हर हिस्से में अमीर हों या गरीब कोर्इ भी इसके आकर्षण से बचा नहीं है।फेंग्शुर्इ में इसे जैम-ट्री के अलावा क्रिस्टल-ट्री भी कहा जाता है।

 जैम-ट्री कर्इ तरह के होते हैं-

  • रोज-क्वाटर्ज: यह हल्के गुलाबी रंग का होता है।इसका प्रयोग दांपत्य जीवन में मधुरता लाताहै और टेंशन कम करने के साथ-साथ दीर्घ आयु भी प्रदान करता है।
  • किलयर-स्फटिक: यह नकारात्मक उर्जा को आब्जर्व करता है और घर को बुरी नजर व नकारात्मक उर्जा से बचाता है।
  • ऐमाथिस्ट: ऐमाथिस्ट जामनी रंग का होता है। यह व्यापार वृद्धि के लिए सहायक होता है।

जैम-ट्री लव, रोमांस आदि संबंधों में मधुरता और समृद्धि लाने वाला फेंग्शुर्इ का प्रचलित यंत्र है। इसे घर में कहीं भी कभी भी लगाया जा सकता है। जैम-ट्री अलग-अलग पत्थर केभी मिलते हैं और मिक्स कलर के पत्थर केभी। आम तौर पर यह 7 इंच, 12 इंच और 15 इंच के साइज में मिलते हैं। इसको कोर्इ विशेष देखभाल की जरूरत नहीं होती। अगर इसे अच्छे तरीके से रखा जाए और इस पर लाइट फोकस कर दी जाए तो यह दिव्य पौधा लगता है।

जैम-ट्री भारत में जयपुर और गुजरात में मिलते हैं और चीन सेभी आते हैं। इनका प्रचलन हांगकांग, थार्इलैंड और मलेशिया में भी है। ये बहुत महंगे भी नहीं होते और ये 300 से 1500 रुपए के बीच में मिल जाते हैं। इसे शो-पीस की तरह सजाया भी जा सकता है और घर, दुकान व आफिस के अंदर फेंग्शुर्इ यंत्र के रूप में भी रखा जा सकता है। सुंदर लगने के साथ-साथ यह सुख-समृद्धि की प्राप्‍ति के अवसर भी बढ़ाता है।

free vector

One Response to जीवन सजाए – रत्नों से सजा जैम-ट्री

  1. I was earning more then sufficient money and my Family was Happy.
    On January 1996 my father dead.
    Till today I make several method but my business ( Repair of Electrical goods) is not running well. Approximately I earn Rs. 2000.00 par month.
    When ever before 1996 My income was 1500.00-2000.00 par day.

    Please help me if you can in minor fee.

    Amar Jeet Kumar (9810101105) R/O Bankner (Narela) ,Delhi-40.

Leave a Comment

Name*

Email* (never published)

Website