Children’s Bed Room

वास्तु के अनुसार बनाएं बच्चों का शयनकक्ष

कहते हैं कि जहां बच्चों की किलकारियां नहीं गूंजती, उनकी शरारतों का द्गाोर नहीं होता, वह घर घर नहीं होता। बच्चे किसी भी परिवार की अहम कड़ी होते हैं। माता-पिता के लिए बच्चे उनके जीवन का मकसद होते हैं, जिनके लिए वे न जाने कितने त्याग करते हैं और कितनी ही कठिनाइयां सहन करते हैं। माता-पिता हर संभव प्रयास करते हैं, जिससे उनके बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो सके। परंतु क्या बच्चे भी जानते हैं कि अपने माता-पिता के इन बलिदानों का कर्ज वे किस प्रकार चुकाएं। क्या करें, जिससे उनकी उम्मीदों पर खरा उतरकर समाज में उनका नाम रोशन कर सकें। जितना बडों के लिए आवश्यक है, बच्चों के लिए भी सही दिशा में शयन करना उतना ही जरूरी है। सही दिशा में शयन करने से नकारात्मक अनुभव मन-मस्तिष्क से धुल जाते हैं और जीवन को नयी प्रेरणा शक्ति प्राप्त होती है। जानते हैं कि बच्चों का बेडरूम कैसा हो- ह्ण     छोटे बच्चों का बेडरूम पश्चिम दिशा में बनाना चाहिए। वहीं लडकी का शयन कक्ष उत्तर-पश्चिम में बनाएं। जबकि लडके के लिए उत्तर एवं पूर्व दिशा में बेडरूम बनाएं। ह्ण     बच्चों के बेडरूम का दरवाजा उत्तर या पूर्व दिशा में हो और जहां तक हो सके दरवाजा एक ही लगाएं। ह्ण     कमरे में खिड कियां दरवाजे की विपरीत दिशा में हो। खिडकी अगर पश्चिमी दीवार पर हो, तो वह उत्तर व पूर्व की दीवार में बनी खिड की/खिडकियों की तुलना में छोटी होनी चाहिए। ह्ण     फर्नीचर दीवार से सटाकर नहीं, बल्कि कुछ इंच दूर रखें। ह्ण     बेड दक्षिण दिशा में रखना चाहिए। बेड के चारों ओर थोडा-सा खुला स्थान छोडें। अगर यह संभव न हो तो बेड को दक्षिण-पश्चिमी कोने में अथवा दक्षिणी या पश्चिमी कोने में रख सकते हैं। ह्ण     सोते समय बच्चों को अपना सिर पूर्व की ओर रखना चाहिए। इससे उनकी स्मरण-शक्ति बढ ती है। ह्ण     आलमारी या कैबिनेट को कमरे में दक्षिणी/पश्चिमी भाग में रखें। ह्ण     कम्प्युटर एवं टेलिविजन बच्चों के कमरे में नहीं रखने चाहिएं। अगर रखें तो टेलीविजन दक्षिण-पूर्व में जबकि कम्प्युटर पूर्वी दिशा में लगाएं। ह्ण     बच्चों के द्गायन कक्ष में एलसीडी मोनीटर नहीं लगाना चाहिए। एलसीडी मोनिटर बिस्तर के लिए शीशों का कार्य करता है और नकारात्मक ऊर्जा का संवाहक बनता है। ह्ण     कमरे में अगर स्टडी-टेबल रखनी हो […]