Vastu For Drawing Room

कैसा हो बेडरूम का वास्तु सम्मत इंटीरियर

डाइनिंगरूम की साज-सज्जा   ड्राइंगरूम के बाद हम बात करते हैं, डाइनिंग रूम की। डाइनिंग रूम की साज-सज्जा करने से पूर्व निम्न बातों पर ध्यान दें:- ह्ण     डाइनिंग टेबल दीवारों से न सटी हो। बेहतर हो कि उसे कमरे के मध्य भाग में स्थापित किया जाए। ह्ण     डाइनिंग टेबल की मेज-कुर्सियों के कोने धारदार अर्थात नुकीले न हों। ह्ण     वास्तु के अनुसार, बाथरूम को डाइनिंग रूम के नजदीक निर्मित नहीं किया जाना चाहिए। ह्ण     डाइनिंग रूम की उत्तर/उत्तर-पूर्व व पूर्व की दीवारों पर सौंदर्य के लिए आदमकद शीशे लगाए जा सकते हैं। ह्ण     डाइनिंग रूम का इंटीरियर घर के मुखय द्वार से दिखाई नहीं देना चाहिए। ह्ण     डाइनिंग रूम में प्रकाश की उचित व्यवस्था हो। कैसा हो बेडरूम का वास्तु सम्मत इंटीरियर दिनभर की थकान के बाद हम घर पहुंचकर अपने बेडरूम में विश्राम करते हैं। यह वह स्थान है, जहां पहुंचकर हमें सारे तनावों से मुक्त हो जाना चाहिए। इसीलिए इसका इंटीरियर स्वतः महत्वपूर्ण हो जाता है। ह्ण     बेड व बेडरूम में प्रेवश करने का द्वार एक ही दिशा में नहीं होना चाहिए। ह्ण     डे्रसिंग टेबल को उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार के पास रखें। ह्ण     अगर बेडरूम में स्टडी टेबल रखते हैं, तो उसे इस प्रकार रखा जाए कि वहां बैठकर अध्ययन करने के दौरान आपका मुंह उत्तर या पूर्व की ओर हो। ह्ण     ड्रेसिंग टेबल के अतिरिक्त अन्य शीशों व टेलीविजन को बेडरूम में रखने से बचना चाहिए।

ड्राइंगरूम (लिविंग रूम) का इंटीरियर

ड्राइंगरूम (लिविंग रूम) का इंटीरियर ड्राइंग रूम घर का सबसे खूबसूरत स्थान होता है। यह वह स्थान होता है, जहां न सिर्फ आप अपना दिनभर का अधिकांश समय बीताते हैं, बल्कि आगंतुकों की मेहमाननवाजी भी करते हैं। आगंतुक को आपके घर की साज-सज्जा, आपकी जीवनशैली और इंटीरियर के बारे में समझ का अंदाजा ड्राइंगरूम को देखकर ही हो जाता है। इसीलिए महत्वपूर्ण है कि आप अपने ड्राइंगरूम को किस प्रकार सुसज्जित करते हैं। ड्राइंगरूम का इंटीरियर इस प्रकार का होना चाहिए कि वहां चलने-फिरने के लिए पर्याप्त स्थान हो। ड्राइंगरूम में फर्नीचर दीवारों से सटाकर नहीं रखना चाहिए, बल्कि उनके पीछे इतना स्थान अवश्य हो कि वहां हवा का प्रवाह बना रहे, जिससे कमरे में पर्याप्त ऊर्जा बनी रहे। जब आप अपना ड्राइंगरूम सजाएं तो इन बातों पर अवद्गय ध्यान दें- ह्ण     सोफा सेट को दक्षिण या पश्चिमी हिस्से की दीवार के पास रखें। ह्ण     पानी के द्गाो-पीस जैसे फाउंटेन या फिश एक्वेरियम कक्ष के उत्तरी कोने में रखने चाहिएं। ह्ण     अग्नि एवं वायु एक-दूजे के पूरक अर्थात मित्र माने जाते हैं। अगर कक्ष में फायर प्लेस बनाना चाहते हैं, तो उसे दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पद्गिचमी भाग में बनाएं। ह्ण     ड्राइंग रूम में प्राकृतिक रोद्गानी पर्याप्त मात्रा में रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए कक्ष की उत्तरी या पूर्वी दीवार में बड़ी खिड कियां बनानी चाहिए। ह्ण     ड्राइंगरूम की दीवारों के रंग हल्के हों। ह्ण     दीवारों के रंग छत के रंग से अलग हों। ह्ण     कक्ष में ऐसी कोई तस्वीरें या द्गाो-पीस न हों, जो युद्ध, मौत और गुस्से को दर्शाते हों।