Feng Shui Tips for Children

बच्‍चा न बने हिंसात्‍मक, करें फेंग्‍शुई उपाय

बात-बात पर गुस्‍सा दिखाना, अपने हमउम्र बच्‍चों से मार-पीट और झगडा करना, हिंसा और अपराध से जुडे टेलीविजन कार्यक्रमों में अधिक रूचि लेना, हिंसात्‍मक बातें करना। ये सब लक्षण अगर आपके बच्‍चों में हैं तो आपको इस बाबत गंभीरता से सोचना चाहिए। चूंकि यह महज बालपन नहीं, बल्कि हिंसात्‍मक प्रवृत्ति का परिचायक हो सकता है जो किसी गंभीर मानसिक बीमारी से कम नहीं। आजकल बच्‍चों में हिंसात्‍मक मानसिकता पनप रही है, इसकी सारी जिम्‍मेदारी हम अक्‍सर टेलीविजन सीरियलों पर डाल देते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। फेंग्‍शुई का मानना है कि हमारी जीवनशैली और फेंग्‍शुई सिद्धांतों की उपेक्षा इसकी मुख्‍य वजह है। अगर रोजमर्रा के जीवन और बच्‍चों के आसपास के माहौल में फेंग्‍शुई नियमों का खयाल रखा जाए, तो उन्‍हें हिसांत्‍मक होने से रोका जा सकता है। आइए, जानते हैं फेंग्‍शुई के ऐसे ही कुछ उपाय- बच्‍चों के कमरे से वायरलैस उपकरण जैसे वाई-फाई, कॉर्डलेस फोन आदि दूर रखें। इस बात का खास खयाल रखें कि जब बच्‍चे शयन कर रहे हों, तो उनके कमरे में टेलिवजन, कम्‍प्‍युटर, चार्जर आदि को बंद करके तार प्‍लग से निकाल दें। देखें कहीं आपने घर में पेस्‍ट कंट्रोल में इस्‍तेामाल आने वाले जहरीले केमिकल्‍स तो नहीं रखें हैं। अगर ऐसा है तो उन्‍हें घर से तुरंत हटा दें। देखने में आता है कि ज्‍यादातर पेरेंट्स बच्‍चों के कमरे को प्‍लास्टिक खिलौनों से भर देते हैं। ऐसा करके अनजाने में आप अपने बच्‍चे में आक्रामकता बढा रहे हैं। बेहतर है कि ऐसा करने से बचें। बच्‍चों के कमरे में सिंथेटिक वॉलपेपर का प्रयोग न करें। इनके स्‍थान पर दीवारों पर साधारण डिस्‍टेम्‍पर करवाना बेहतर है। बच्‍चों का शयन कक्ष गैरेज के ठीक ऊपर या उसके साथ न बना हो। शयन के लिए मेटल अथवा वाटर बेड के स्‍थान पर लकडी का ही बेड इस्‍तेमाल करें। आजकल स्प्रिंग वाले गद्दों का चलन खूब है। लेकिन बच्‍चों के शयन के लिए स्प्रिंग के गद्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। बेड दरवाजे के ठीक सामने न हो, लेकिन ऐसे स्‍थान पर अवश्‍य हो, जहां से बेड पर लेटने वाले को दरवाजा स्‍पष्‍ट दिखायी दे। बेड का सिरहाना (हेडबोर्ड) खिडकी या दरवाजे की ओर न हो। इसे […]